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डुंगलावड़ा गांव में 132 kV लाइन के खंभों का विरोध, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मंगलवार को डुंगलावड़ा गांव के स्थानीय लोगों ने एक जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपने गांव में प्रस्तावित 132 केवी हाई-वोल्टेज बिजली लाइन के खंभे लगाए जाने का विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन रिहायशी और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर बिजली ट्रांसमिशन लाइन बिछाने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
गांववासियों का कहना है कि प्रस्तावित योजना के तहत आबादी वाले इलाकों के भीतर ही हाई-वोल्टेज खंभे लगाए जा रहे हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की परियोजना से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि बिजली के उच्च वोल्टेज से किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने विशेष रूप से मॉनसून के मौसम को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति में तकनीकी खराबी या तारों में रिसाव होने पर करंट फैलने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे जान-माल की बड़ी क्षति हो सकती है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि भविष्य में गांव की जनसंख्या बढ़ने के साथ यह क्षेत्र और अधिक घनी आबादी वाला हो जाएगा, जिससे जोखिम कई गुना बढ़ सकता है।
निवासियों ने बताया कि उन्होंने इससे पहले भी ग्राम पंचायत के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन अब तक उनकी चिंताओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसके कारण ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है और वे अब प्रशासन से सीधे हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने एक स्वर में इस परियोजना को रिहायशी क्षेत्र से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का विरोध नहीं है, लेकिन उन्हें सुरक्षित और वैकल्पिक मार्ग से लागू किया जाना चाहिए ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रस्तावित हाई-वोल्टेज लाइन का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और इसे आबादी से दूर किसी सुरक्षित मार्ग पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही उन्होंने प्रशासन से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम द्वारा स्थल का निरीक्षण कराने की भी अपील की है।
कुल मिलाकर, डुंगलावड़ा गांव में 132 केवी लाइन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब प्रशासनिक स्तर पर पहुंच गया है, जहां ग्रामीण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परियोजना में बदलाव की मांग कर रहे हैं।





